प्रधानाचार्य का संदेश
संस्था एवं उद्देश्य
अनेक प्राथी अपनी परिस्थिति के अनुसार जैसे पढ़ाई में कमज़ोर, बार बार फ़ेल होने के कारण या किसी घरेलु समस्या के कारण पढ़ाई छोड देते हैं परन्तु बाद में उनको शिक्षा का महत्त्व समझ आता है .
इन्ही बातों को मध्यनजर में रखकर S.S.Consultancy And Academic Services एवं श्री श्याम साहित्य शिक्षण संस्थान ने यह प्रयास शुरू किया है।
हमारे यहां शिक्षण क्षेत्र में विद्यार्थियों को बहुत अच्छा मार्गदर्शन मिलता है इसीलिए 8-10 साल से हमारी संस्था का रिजल्ट 97 से 100% आ रहा है।
राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय,
और
बिहार मुक्त विद्यालयी
का संयुक्त प्रयास।
अब देश के हर कोने के साथ साथ जम्मू कश्मीर में भी।
Recognition
शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली ने प्रेस बिज्ञप्ति 7-50/69H दिनांक 18-02-1970 के तथा पून: F7-50/89-H no.9-1/88-H-1 दिनांक 5-5-1987 के अनुसार बिशारद (मध्यमा) को केंद्रीय नौकरी/तरक्की के लिए समकक्ष मान्यता दी है .
10th 12th BA. B.Com B.sc BCA BBA MA M.com M.sc MCA. MBA PGDCA आदि कर सकते हैं
जो सोचते हैं कि किसी भी हालत में निकट के कॉलेजों से तीन साल Graduation कर ही नहीं सकते ,
उनके लिए Non Attending में (BA) बहुत उपयोगी है
और आगे MA/MBA/PGDCA करके अपना भबिष्य उज्जवल बना सकते हैं।
